Shri Yantra: जानें श्री यन्त्र को स्थापित करने का तरीका व लाभ

Shri Yantra: जानें श्री यन्त्र को स्थापित करने का तरीका व लाभ

जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मनुष्य विभिन्न उपाय करते हैं। इनमें से एक है मां लक्ष्मी का श्रीयंत्र। विधि-विधान से इस यंत्र की पूजा करने से जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है, धन की कमी नहीं रहती और परिवार में कोई सदस्य बीमारी से प्रभावित नहीं होता। इस यंत्र के कई अन्य लाभ भी हैं। आइए, जानते हैं Shri Yantra से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।

Shri Yantra का महत्व

श्रीयंत्र की संरचना दो प्रकार की होती है: उर्ध्वमुखी और अधोमुखी। हिंदू धर्म के शास्त्रों में कहा गया है कि जिस घर में श्रीयंत्र की स्थापना की जाती है और उसकी विधिपूर्वक पूजा की जाती है, वहां माता लक्ष्मी का वास होता है। श्रीयंत्र को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। शास्त्रों में उल्लेख है कि इसकी दैनिक पूजा करने से इस यंत्र की अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलता है। इसलिए, इसकी पूजा करना जातकों के लिए अत्यंत शुभ होता है। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का यह सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, यही कारण है कि लोग अपने घरों में इसकी स्थापना करते हैं।

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि Shri Yantra की स्थापना के कुछ नियम होते हैं, और इन्हें ध्यान में रखकर ही इसकी पूजा शुरू करनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों का पालन न करने पर श्रीयंत्र की पूजा का फल प्राप्त नहीं होता।

लक्ष्मी बीज मंत्र – ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः

Shri Yantra के लाभ

  1. श्रीयंत्र को मंदिर या तिजोरी में रखने से धन की कमी नहीं होती।
  2. इस यंत्र की पूजा करने से व्यक्ति को धन, समृद्धि, यश और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
  3. यदि कोई व्यापारी इस यंत्र की पूजा करता है, तो उनके रुके हुए कार्य सफल हो जाते हैं।
  4. श्रीयंत्र की पूजा से कुंडली में मौजूद दोष दूर हो जाते हैं।
  5. श्रीयंत्र की स्थापना से व्यापार में सफलता, समृद्धि, आर्थिक मजबूती और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
  6. यदि परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से गंभीर बीमारी से ग्रस्त है, तो इस यंत्र की विधिपूर्वक पूजा करने से उस रोग में लाभ मिलता है।
  7. इस यंत्र की महिमा से आपका कोई भी पुराना रुका हुआ पैसा वापस मिलता है और जल्दी ही कर्ज से मुक्ति मिलती है।

Shri Yantra स्थापित करने का तरीका और पूजा विधि

श्रीयंत्र को पूजा घर में शुक्रवार या किसी शुभ मुहूर्त पर स्थापित करना चाहिए। सबसे पहले, श्रीयंत्र को एक चौकी पर गुलाबी रंग के आसन पर रखें। इसके बाद इसकी विधि-विधान से पूजा करें। नियमित रूप से हर दिन श्रीयंत्र को जल से स्नान कराएं और धूप, दीप, तथा नैवेद्य अर्पित करें। श्रीयंत्र पर मां लक्ष्मी के प्रिय लाल या गुलाबी रंग के फूल और इत्र अवश्य चढ़ाएं।

Shri Yantra को घर में स्थापित करने से पहले, इसे स्थापित करने का शुभ मुहूर्त और दिशा जान लेना आवश्यक है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य शुभ फल प्रदान करते हैं, इसलिए किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त और दिशाओं का ज्ञान होना बहुत महत्वपूर्ण है।

श्रीयंत्र के उपयोग में ध्यान रखने योग्य बातें

  1. जहां भी श्रीयंत्र की स्थापना करें, वहां सात्विकता का विशेष ध्यान रखें और नियमित रूप से मंत्र जाप करें।
  2. मांस, मछली या शराब का सेवन न करें।
  3. जहां भी इसे स्थापित करें, वहां गंदगी न फैलने दें।
  4. श्रीयंत्र को साफ कपड़े पर रखें।
  5. पूजा करते समय लक्ष्मी मंत्र, श्रीसूक्त या दुर्गा सप्तशती के किसी भी श्लोक का पाठ करें।
  6. श्रीयंत्र की पूजा लोभ के भाव से नहीं, बल्कि सुख और शांति की भावना से करें।
  7. इसे घर या ऑफिस की उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें।

Shri Yantra की सम्पूर्ण जानकारी के लिए देखें यह वीडियो:

 

निष्कर्ष

यह माना जाता है कि श्रीयंत्र देवी लक्ष्मी को अत्यधिक प्रिय है। श्रीयंत्र की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी का वास होता है। श्रीयंत्र की स्थापना और पूजा का सुझाव देव गुरु बृहस्पति ने दिया था। श्रीयंत्र खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसकी आकृति और रेखाओं में कोई त्रुटि न हो। 

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